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भारत में आयात करने से पहले जीवित पशुओं में कोविड-19 परीक्षण की आवश्यकता L-110110/5/2021-Trade-Part (1) (E-19215) 2021-06-21
एक्यूसीएस द्वारा पालतू जानवरों सहित जीवित पशुओं के आयात की मंजूरी के लिए मानक संचालन प्रक्रियाएं L-110110/26/2019-Trade (E-14194) 2021-03-31
यूक्रेन में फंसे भारतीयों को बचाए जाने के साथ-साथ पालतू कुत्तों और पालतू बिल्लियों के आयात में सुविधा L-110102(1)/222/2021- Trade (E-20510) 2022-02-28
भारत में आयात करने से पहले जीवित पशुओं में कोविड-19 परीक्षण की आवश्यकता को हटाने के संबंध में दिनांक 27 अप्रैल, 2022 का कार्यालय ज्ञापन L-110110/ 512021 -Trade-Part ( 1 ) (E-19215) 2022-04-27
सामान के अंतर्गत पालतू जानवरों का आयात 495/16/2012-Cus.VI 2013-07-01 ImportOfPetsUnderBaggage.pdf

व्यापार ईकाई के कार्य

पशुधन और पशुधन उत्पा‍दों का व्यापार भारत सरकार की विदेश व्यापार नीति से नियंत्रित होता है जिसका कार्यान्वयन वाणिज्य विभाग द्वारा किया जाता है।

पशुपालन और डेयरी विभाग पशुधन और पशुधन उत्पादों का आयात, पशुधन आयात अधिनियम, 1898 की धारा 3 और धारा 3अ के प्रावधानों के अनुसार नियंत्रित करता है ताकि ऐसे पशुधन और पशुधन उत्पादों के आयात से विदेशी बीमारियों का प्रवेश रोका जा सके।


ईएक्सआईएम नीति के अनुसार जीवित पशुओं का आयात प्रतिबंधित वर्ग की सूची (यह आयात के लिए स्वतंत्र नहीं है) के तहत आता है जिसके लिए आयातक को विदेश व्यापार महानिदेशक (डीजीएफटी) से लाइसेंस लेना होता है। डीजीएफटी, प्रस्ताव की जांच करने और जोखिम विश्लेषण करने के बाद इस विभाग की सिफारिशों पर लाइसेंस जारी करता है। ईएक्सआईएम नीति के अलावा, केंद्र सरकार के पास पशुधन आयात अधिनियम 1898 की धारा 3 के अनुसार जीवित पशुओं के आयात को नियंत्रित, प्रतिबंधित और निषेधित करने की शक्ति है। पशुपालन और डेयरी विभाग ने पशुधन आयात अधिनियम की धारा 3 के तहत दिनांक 10 जून, 2014 को अधिसूचनाएं एस.ओ. 1495(ई) और 1496(ई) जारी की हैं। इन अधिसूचनाओं के जरिए, विभाग ने पशुओं के उन वर्गों को अधिसूचित किया‍ है जिन्हें‘’पशुधन’’माना जा सकता है और जीवित पशुओं के लिए आयात और संगरोधन प्रक्रिया भी निर्धारित की है।


ईएक्सआईएम नीति के तहत पशुधन उत्पादों को ओपन जनरल लाइसेंस (ओजीएल) श्रेणी कैटेगरी में रखा गया है। ईएक्सआईएम नीति के अलावा, केंद्र सरकार के पास पशुधन आयात अधिनियम 1898 की धारा-3ए के अनुसार पशुधन उत्पादों के आयात को नियंत्रित, प्रतिबंधित और निषेध करने की शक्ति है। इस संबंध में, विभाग ने पशुधन उत्पादों की सूची और पशुधन उत्पादों के आयात की प्रक्रिया की 17 अक्टूबर, 2015 को अधिसूचना एसओ 2666 (ई) जारी की है। इन उत्पादों के आयात की अनुमति तभी दी जा सकती है जब उनके पास सेनेट्री इंपोर्ट परमिट हो, जो आयात के जोखिम विश्लेषण की जांच के बाद विभाग जारी करता है। मूल देश से भेजे जाने से पहले सेनेट्री इंपोर्ट परमिट (एसआईपी) है। पशुधन उत्पादों के आयात जोखिम विश्लेषण की जांच के आधार पर विभाग पशुधन उत्पादों के लिए एसआईपी जारी करता है। उत्पाद की प्रकृति के अनुसार परमिट एक साल या छह महीने के लिए वैध होते हैं और इनका उपयोग एक से ज्या‍दा बार प्रेषण के लिए उपयोग किया जा सकता है।


सेनेट्री इंपोर्ट परमिट कोई लाइसेंस नहीं है, बल्कि यह भारत की स्वच्छता आवश्यकताओं को प्रमाणित करने वाला एक प्रमाण-पत्र है।


पशु और पशु उत्पादों के आयात की अनुमति समुद्री पोर्टों /बेंगलुरू, चेन्नई, दिल्ली , हैदराबाद, कोलकाता और मुंबई के हवाई अड्डे से ही है जहां पशुओं के संगरोधन और प्रमाणन की सुविधा उपलब्ध है। मत्स्य उत्पादों का आयात विशाखापट्टनम (आंध्रप्रदेश राज्य में) के समुद्र पोर्ट, कोचि के समुद्र पोर्ट और हवाई अड्डे और पेट्रापोल के भू-सीमा स्टेशन (सिर्फ बांग्लादेश से आयात के लिए) से किया जा सकता है।